नेल्सन मंडेला

नेल्सन मंडेला का जन्म 18 जुलाई वर्ष 1918 को दक्षिण अफ्रिका के ट्रांसकी क्षेत्र के कस्बे उमटाट में हुआ था| उनके पिता टेम्बू कबीले के सरदार थे| जब नेल्सन 12 वर्ष की आयु के थे तभी उनके पिता की मृत्यु हो गयी थी| उनकी शुरूआती पढ़ाई मैथोडिस्ट स्कुल में हुई| यहाँ से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने कोर्टहारे विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया| इसके बाद जोहांसबर्ग चले गए और वहां से बी. ए की परीक्षा पास की|

उन दिनों दक्षिण अफ्रिका गोरों की चपेट में था| गोरे दक्षिण अफ्रिका के लोगों पर बहुत अत्याचार करते थे| नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रिका को गोरों के अत्याचार से मुक्त करना चाहते थे| गोरों की रंगभेद निति को खत्म करने के लिए उन्होंने अपनी पूरी जवानी बिता दी| गोरों के विरुद्ध आवाज उठाने के कारण वह कई वर्षों तक जेल में भी रहे|

दक्षिण अफ्रिका और भारत के सम्बन्ध बहुत पुराने हैं| एक बार जब गांधी जी किसी मुकदमे की पैरवी के लिए दक्षिण अफ्रिका गए थे| तब गोरी सरकार ने उनके साथ बहुत दुर्व्यवहार किया| इससे गांधीजी को बहुत दुःख हुआ और उन्होंने अहिंसा के माध्यम से गोरों की रंगभेद निति का विरोध किया| जब भारत ब्रिटिश सरकार के चंगुल से आजाद हो गया था तब भारत ने बड़े हो जोर शोर से दक्षिण अफ्रिका की आजादी के लिए आवाज उठाई और दक्षिण अफ्रिका को गोरों से मुक्त कराने के लिए नेल्सन मंडेला का पूरा साथ दिया| आखिरकार नेल्सन मंडेला का संघर्ष रंग लाया और उन्होंने दक्षिण अफ्रिका को गोरों के चंगुल से आजाद करा लिया|

1990 में नेल्सन मंडेला भारत आये और उन्होंने दोनों देशों के बीच सम्बन्धों का जिक्र करते हुए भारत को दक्षिण अफ्रिका की आजादी में साथ निभाने के लिए भारत को धन्यवाद दिया| 10 मई सनं 1994 में नेल्सन मंडेला जी को दक्षिण अफ्रिका का राष्टपति बनाया गया| 19 अक्तूबर वर्ष 1990 को भारत सरकार ने उन्हें 'भारत रतन' से सम्मानित किया| इससे पहले उन्हें 1979 में जवाहर 'लाल नेहरु अंतर राष्टीय सदभावना पुरूस्कार' से भी नवाजा गया था| नेल्सन मंडेला आज भी हमारे बीच उपस्थित हैं हम सभी को इसी बात की बहुत ख़ुशी है|

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